न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 17 अक्टूबर चित्तरंजन। पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम है। इस उत्सव की भव्यता रेलनगरी चित्तरंजन में भी देखते ही बन रही है। आकर्षक सजावट, कलात्मक पंडालों और मनमोहक मां दुर्गा की प्रतिमाओं को निहारने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां लोगों को दुर्गोत्सव का बेसब्री से इंतजार रहता है।चित्तरंजन में इस वर्ष कुल 14 पूजा कमेटियों की ओर से दुर्गापूजा का आयोजन किया गया है। पंचमी के दिन स्थानीय विधायक अरिजीत राय ने विधिवत रूप से सभी पूजा पंडालों का उद्घाटन किया। इसके बाद पंडालों के द्वार आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। षष्ठी से ही विभिन्न पूजा मंडपों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है।इस बार आर साइड, झील पहाड़ी, रिबन एरिया, सुंदर पहाड़ी नॉर्थ, सिमजुड़ी, फतेहपुर, एरिया-6, दक्षिण पश्चिम पल्ली, एरिया-4, साढ़े चार पल्ली, एरिया-5, गड्ढा कॉलोनी, हॉस्पिटल कॉलोनी और हिल कॉलोनी में पूजा का आयोजन किया गया है।न्यूज 61 लाइव की ओर से धारावाहिक 14 पंडालों में से कुल 5 पूजा पंडालों का अनुभव साझा किया जा रहा है। अन्य पंडालों का अनुभव अगले दिन साझा किया जाएगा। षष्ठी के अवसर पर कुल 5 पूजा पंडालों में आर साइड, झील पहाड़ी, रिबन एरिया, सुंदर पहाड़ी नॉर्थ और सिमजुड़ी के पूजा पंडाल विशेष आकर्षण बने रहे। इन स्थानों पर स्थानीय बच्चों और युवा कलाकारों ने नृत्य, गायन सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सव की रौनक बढ़ाई।सुंदर पहाड़ी नॉर्थ का ‘देवों के देव महादेव’ थीम पर आधारित पंडाल अपने 75वें वर्ष में विशेष पहचान बना रहा है। वहीं, सिमजुड़ी का ‘भय पेड़िए भवानी’ विषय श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।पंडाल निर्माण में कारीगरों ने बारीक कलाकारी और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया है। हर पंडाल की सजावट अपने आप में अलग कहानी बयां करती है। यही वजह है कि चित्तरंजन की दुर्गापूजा में धार्मिक आस्था के साथ कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
पंचमी को 14 पूजा पंडालों का हुआ उद्घाटन, षष्ठी पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां; महादेव और ‘भय पेड़िए भवानी’ की थीम बनी आकर्षण का केंद्र
