न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 16 अक्टूबर जामताड़ा। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण नाराज चल रहे जामताड़ा नगर पंचायत के सफाईकर्मियों ने शुक्रवार देर शाम दोबारा मोर्चा संभाल लिया। दो महीने का वेतन मिलने के बाद कर्मचारी झाड़ू लेकर सड़कों पर उतरे और शहर के विभिन्न इलाकों में फैले कचरे को हटाने में जुट गए। दुर्गापूजा के मद्देनजर सफाई कार्य दोबारा शुरू होने से नगर की स्वच्छता व्यवस्था सुधरने की उम्मीद जगी है।गौरतलब है कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण सफाईकर्मियों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया था। आक्रोशित कर्मचारियों ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर कचरा फैलाकर नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। इसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं को गंदगी का सामना करने की आशंका बढ़ गई थी।सफाईकर्मियों ने बताया कि लगातार वेतन नहीं मिलने से उनके सामने घरेलू खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया था। त्योहार के समय परिवार की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा था। शुक्रवार को वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्होंने काम पर लौटने का निर्णय लिया।नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत के अनुसार, सफाईकर्मियों को दो महीने का वेतन भुगतान किया गया है। वहीं, जानकारी के मुताबिक ट्रेजरी से एक महीने के वेतन की राशि जारी होने के बाद भुगतान किया गया। हालांकि, लंबे समय से बकाया राशि और आर्थिक परेशानियों के कारण कर्मचारियों की नाराजगी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों, मंदिरों और प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए सफाईकर्मियों ने देर शाम तक विभिन्न इलाकों में सफाई की। इस दौरान सफाई जमादार सौरभ झा भी मौजूद रहे।इस घटनाक्रम ने समय पर वेतन भुगतान की आवश्यकता को फिर उजागर किया है। शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों को नियमित भुगतान सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो और त्योहार के दौरान आम लोगों को परेशानी नहीं उठानी पड़े।
दो महीने का वेतन मिलते ही काम पर लौटे सफाईकर्मी, दुर्गापूजा से पहले शहर को स्वच्छ बनाने में जुटे
