न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 18 अक्टूबर मिहिजाम/जामताड़ा। जामताड़ा जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी अमरेन्द्र तिवारी उर्फ नन्हे तिवारी के करीब 90 वर्षीय पिता रामेश्वर तिवारी के निधन से मिहिजाम सहित जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है। चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) के सेवानिवृत्त कर्मी रामेश्वर तिवारी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज भी जारी था। रविवार को उनके निधन की खबर मिलते ही शुभचिंतकों, परिचितों और स्थानीय लोगों में शोक व्याप्त हो गया।रामेश्वर तिवारी अपने सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। चिरेका में सेवाकाल के दौरान उन्होंने निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। सामाजिक गतिविधियों में उनकी रुचि और लोगों के साथ आत्मीय संबंधों के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी। उनके निधन को मिहिजाम और जामताड़ा के सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।उनके निधन की सूचना मिलने के बाद से ही मिहिजाम स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय व्यवसायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने दिवंगत रामेश्वर तिवारी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताई है। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।फिलहाल उनका पार्थिव शरीर मिहिजाम स्थित आवास पर रखा गया है। बाहर रह रहे परिजनों और करीबी लोगों के पहुंचने के बाद अजय नदी के तट पर स्थित चिरेका के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।रामेश्वर तिवारी के निधन से परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों के बीच गहरा शोक है। उनके व्यक्तित्व, व्यवहार और सामाजिक जुड़ाव को याद करते हुए लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
चिरेका के सेवानिवृत्त कर्मी एवं प्रसिद्ध व्यवसायी के अंतिम दर्शन के लिए आवास पर उमड़ी लोगों की भीड़, परिजनों के पहुंचने के बाद होगा अंतिम संस्कार
