न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 26 अक्टूबर जामताड़ा। नाला प्रखंड के बांखेत ग्रामथान मैदान में रविवार को बांग्ला भाषा उन्नयन समिति की ओर से शारदीय दुर्गापूजा के उपरांत विजया सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृभाषा बांग्ला के संरक्षण, साहित्यिक विरासत को सहेजने और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में नाला प्रखंड के उपप्रमुख समर माजी शामिल हुए।वक्ताओं ने कहा कि भाषा किसी समाज की पहचान और उसकी सांस्कृतिक जड़ों का महत्वपूर्ण आधार होती है। बांग्ला भाषा ने साहित्य, संगीत और लोकपरंपराओं के क्षेत्र में समृद्ध विरासत विकसित की है। हालांकि, बदलते सामाजिक परिवेश में नई पीढ़ी के बीच मातृभाषा के इस्तेमाल में कमी चिंता का विषय है। इस स्थिति से निपटने के लिए परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों को मिलकर प्रयास करना होगा।मुख्य अतिथि समर माजी ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। भाषा के प्रति उदासीनता हमारी विरासत को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बांग्ला बोलने, पढ़ने और लिखने के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही युवाओं से अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करते हुए इसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन ग्राम प्रधान सनत कुमार माजी ने किया। मौके पर बहादुर मित्र, तरुण गण, मुक्ति माजी, सलीम जहांगीर, राधाविनोद मंडल, कृष्ण कुमार घोष, मिठुन मंडल, रंजीत माजी, शान्ति मंडल, सुजित माजी, अशोक बाउरी, उमापद बाउरी, भगवती माजी, दीपाली माजी, हिमाद्री शेखर माजी और हैमन्ति माजी समेत अनेक लोग मौजूद रहे।सम्मेलन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। महादेव माजी और नृपेन मंडल ने बांग्ला आधुनिक गीतों तथा रवींद्र संगीत की प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। आयोजन ने सामाजिक सौहार्द बढ़ाने के साथ बांग्ला भाषा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
विजया सम्मेलन में गूंजा मातृभाषा के संरक्षण का संदेश, बांग्ला संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर
