न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 25 अक्टूबर मिहिजाम। कानगोई स्थित डॉ. नागेंद्र सिन्हा विद्यालय में रविवार को संस्थापक डॉ. नागेंद्र सिन्हा की चतुर्थ पुण्यतिथि को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विद्यालय परिवार के सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। साथ ही एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।विद्यालय के सचिव नंदलाल शर्मा ने कहा कि डॉ. सिन्हा ने वर्ष 2018 में डीवी बॉयज स्कूल, चित्तरंजन से सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षा और सामाजिक कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित ‘कालापानी के शहीद’ तथा ‘26/11 के बलिदानी’ जैसी पुस्तकों सहित उन्होंने कुल 18 पुस्तकों की रचना की। उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई मिहिजाम में विद्यालय की स्थापना और उसके निर्माण में समर्पित कर दी।कोषाध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना ही संस्थापक के प्रति सच्चा सम्मान होगा। अध्यक्ष विद्यासागर ने कहा कि समाज के कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले लोग हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं। डॉ. सिन्हा ने विद्यालय की स्थापना कर मिहिजाम के लोगों के भविष्य को संवारने की मिसाल पेश की।ट्रस्ट की महिला सदस्य साधना देवी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि विद्यालय का संचालन महिलाओं को सौंपना महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था। प्राचार्या चंदा मिश्रा ने बताया कि 25 वर्षों तक डायलिसिस कराने के बावजूद डॉ. सिन्हा ने दृढ़ इच्छाशक्ति से विद्यालय के निर्माण का सपना साकार किया।वरिष्ठ शिक्षिका बबीता कुमारी ने ट्रस्ट के सदस्यों के सहयोग के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नंदलाल शर्मा ने की, जबकि संचालन चंदा मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उपप्राचार्या सीमा राऊत सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं, कार्यालय कर्मी और अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभा का समापन विद्यालय के निरंतर विकास और संस्थापक के आदर्शों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
संस्थापक डॉ. नागेंद्र सिन्हा की पुण्यतिथि पर शिक्षा के प्रसार का लिया संकल्प, गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देना ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि
