सेवा, अनुशासन और नेतृत्व का संगम: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चित्तरंजन में राज्य पुरस्कार परीक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 6 जुलाई 2026 चित्तरंजन। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, चित्तरंजन में सोमवार को भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य पुरस्कार परीक्षण शिविर (गाइड) का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। पांच दिनों तक चलने वाला यह विशेष प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन शिविर 6 से 10 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से आईं गाइड छात्राएं अपनी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना का प्रदर्शन करेंगी।कार्यक्रम की शुरुआत स्काउट एवं गाइड की छात्राओं द्वारा मुख्य अतिथि चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) के मुख्य कार्मिक अधिकारी (सीपीओ) रंजन मोहंती तथा राज्य संगठन आयुक्त (एसपीओ) बी.पी. नायक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर की गई। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर स्काउट आंदोलन के संस्थापक लॉर्ड बेडेन पॉवेल और लेडी बेडेन पॉवेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।उद्घाटन समारोह को विद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से यादगार बना दिया। गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का मन मोह लिया और पूरे परिसर को उत्सवमय वातावरण से भर दिया।मुख्य अतिथि रंजन मोहंती ने अपने संबोधन में भारत स्काउट एवं गाइड आंदोलन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने वाला सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।शिविर की संचालिका एवं प्रमुख गीता सिंह ने आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पांच दिवसीय शिविर में कुल 195 गाइड छात्राएं भाग ले रही हैं। इनके मार्गदर्शन के लिए 39 अनुरक्षक शिक्षक तथा सात प्रशिक्षित गाइड अधिकारी तैनात हैं। शिविर के दौरान प्रतिभागियों का विभिन्न गतिविधियों एवं निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण किया जाएगा।विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या सुदेशना कर सरखेल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि स्काउट एवं गाइड का प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, टीम भावना और सामाजिक सेवा के संस्कार विकसित करता है, जो उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रजेश भट्टाचार्य ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे समारोह में अनुशासन, उत्साह और सेवा भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

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