न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 6 नवंबर जामताड़ा। जिले में अवैध कोयला कारोबार पर लगाम लगाने के प्रशासनिक दावों के बीच गोविंदपुर-साहेबगंज हाईवे पर कोयला लदे ट्रकों की संदिग्ध आवाजाही चर्चा का विषय बन गई है। नारायणपुर से मिहिजाम होते हुए पश्चिम बंगाल की सीमा तक जाने वाले इस मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर रात के अंधेरे में गुजर रहे इन वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं हो रही है?गुरुवार रात करीब 10:30 बजे चित्तरंजन रेलवे स्टेशन के समीप सड़क जाम में धनबाद नंबर का एक कोयला लदा ट्रक फंस गया। वाहन संख्या JH10AL7998 पर कोयला खुले में लदा था और तिरपाल से ढका हुआ नहीं था। प्रत्यक्ष रूप से सामने आए इस दृश्य के पीछे कोयला लदे अन्य ट्रकों की कतार भी दिखाई दी। न्यूज 61 लाइव के पास जामताड़ा जिले से गुजरने वाले ऐसे वाहनों का वीडियो फुटेज भी उपलब्ध होने की बात कही गई है। हालांकि, इन वाहनों के अवैध होने की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।नारायणपुर थाना क्षेत्र के पांडेयडीह के पास बुधवार शाम करीब आठ बजे कोयला लदे एक ट्रक को प्रशासनिक अधिकारी द्वारा रोके जाने की जानकारी सामने आई है। चालक मदन गोप के अनुसार, अधिकारी ने वाहन के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस अपने पास रख लिए तथा ट्रक को एक पेट्रोल पंप संचालक की सुपुर्दगी में छोड़ दिया। इस कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होना बाकी है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धनबाद की ओर से करीब 40 ट्रकों के जरिए कोयला भेजे जाने की चर्चा है। इनमें 25 ट्रकों के गिरिडीह होते हुए बिहार तथा 15 के जामताड़ा-मिहिजाम मार्ग से पश्चिम बंगाल जाने की बात कही जा रही है। पुराने चालान के इस्तेमाल और दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।सबसे बड़ा सवाल जिला खनन टास्क फोर्स और पुलिस-परिवहन विभाग की संयुक्त निगरानी को लेकर है। रात नौ बजे के बाद वाहनों की आवाजाही बढ़ने के स्थानीय दावों के बीच विशेष रात्रि जांच अभियान की जरूरत महसूस की जा रही है।प्रशासन को संदिग्ध ट्रकों के ई-चालान, कोयले के वास्तविक स्रोत, वजन, परिवहन अनुमति और निर्धारित गंतव्य का मिलान कराना चाहिए। यदि सब कुछ वैध है तो जांच से स्थिति स्पष्ट होगी और यदि गड़बड़ी है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकेगी। फिलहाल सवाल बरकरार है कि मुख्य सड़क पर नजर आने वाले इन ट्रकों की जांच की जिम्मेदारी आखिर कौन निभा रहा है? इस संबंध में माइनिंग इंस्पेक्टर जामताड़ा अजीत कुमार चौधरी ने बताया कि कोयला लदा वाहनों में विभाग के द्वारा साफ निर्देश दिया हुआ है कि तिरपाल से ढकना अनिवार्य है। यदि निर्देश का उल्लंघन करते पाया गया तो नियमसंगत कार्रवाई किया जाएगा।
रात के अंधेरे में कोयले का काफिला! जामताड़ा के हाईवे पर संदिग्ध ट्रकों की आवाजाही से उठे सवाल
