जामताड़ा में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना; मंत्री इरफान बोले- धरना पूरी तरह विफल

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 31 जुलाई जामताड़ा। जामताड़ा में शुक्रवार को राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी ने सदर अस्पताल में प्रसूता रीना देवी की मौत के बाद दर्ज एफआईआर के विरोध में जिला समाहरणालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली सदर अस्पताल के समीप से शुरू होकर समाहरणालय पहुंची, जहां सभा के माध्यम से राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए।सभा में पूर्व मंत्री रणधीर सिंह, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, भाजपा नेता सीता सोरेन, जिलाध्यक्ष सुमित शरण, हरिमोहन मिश्रा सहित कई नेताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था, बेरोजगारी, सड़क, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार को घेरा। नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में हुई घटना के बाद विरोध करने वाले भाजपा नेताओं पर राजनीतिक दुर्भावना से मुकदमा दर्ज किया गया है।अपने संबोधन में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद विकास में पिछड़ रहा है। उन्होंने अवैध खनन, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के समय विकास कार्यों की घोषणा होती है, लेकिन बाद में योजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एंबुलेंस व्यवस्था और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग की।मरांडी ने ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को वंदे मातरम् से आपत्ति है, उन्हें भारत की स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का सम्मान करना चाहिए।इधर, भाजपा के प्रदर्शन पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पलटवार करते हुए इसे पूरी तरह असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस आंदोलन को भाजपा जनसमर्थन का प्रदर्शन बता रही थी, उसमें अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी और जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया। उनके अनुसार, जामताड़ा की जनता विकास और जनसेवा की राजनीति के साथ खड़ी है।डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि सदर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ गंभीर मामला है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव जांच को प्रभावित नहीं कर सकता और दोषियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना ही होगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जामताड़ा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि प्रशासन ने पूरे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

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