संत रविदास की 650वीं जयंती पर आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश, वाराणसी की पावन मिट्टी के साथ निकली शोभायात्रा

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 31 जुलाई आसनसोल। महान समाज सुधारक और संत परंपरा के अग्रदूत संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को आसनसोल स्थित मां घाघरबुड़ी मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता से ओतप्रोत विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।इस अवसर पर भाजपा के आसनसोल संगठनात्मक जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, बाराबनी के विधायक अरीजीत राय तथा पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। आयोजन के दौरान भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें विधायक अरीजीत राय ने वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी से भरा कलश अपने सिर पर धारण कर यात्रा में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक नारों के बीच पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि संत रविदास केवल एक संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, मानवता और समरसता के महान संदेशवाहक थे। उनकी 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में विशेष जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से पवित्र मिट्टी कलश में लाकर विभिन्न राज्यों में पहुंचाई जा रही है। गुरुवार को यह कलश आसनसोल पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने उसका भव्य स्वागत किया।उन्होंने बताया कि यह धार्मिक एवं जनसंपर्क अभियान 20 फरवरी 2027 तक जारी रहेगा। इस दौरान पश्चिम बंगाल के सभी जिलों, प्रखंडों और बूथ स्तर तक इस पवित्र मिट्टी को पहुंचाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संत रविदास के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि समाज में समानता, भाईचारे और मानव सेवा की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।

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