न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 19 मई 2026 धनबाद/बागमारा। झारखंड में बांग्ला भाषा के संरक्षण, विस्तार और भाषाई अधिकारों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। झारखंड बांग्ला भाषी उन्नयन समिति के धनबाद जिला युवा मोर्चा ने बुधवार को बागमारा प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा और राज्य में बांग्ला भाषा को संस्थागत पहचान देने की मांग की।यह पहल समिति के धनबाद जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष सिंटू मुखर्जी के नेतृत्व में की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बागमारा बीडीओ कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन के जरिए राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें झारखंड में बांग्ला भाषा के विकास के लिए अलग बांग्ला अकादमी का गठन, विद्यालयों में बांग्ला माध्यम से शिक्षा की समुचित व्यवस्था तथा सरकारी और निजी संस्थानों में बांग्ला भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।समिति का कहना है कि झारखंड के कई जिलों और सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में बंगाली भाषी समुदाय निवास करता है, लेकिन उनके भाषाई और शैक्षणिक अधिकारों को अपेक्षित महत्व नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाना आवश्यक है।ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को भी संरक्षित रखने का माध्यम बनती है। समिति ने कहा कि यदि विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा का अवसर मिले तो शिक्षा की गुणवत्ता और समझ दोनों बेहतर हो सकती हैं।इस अवसर पर युवा मोर्चा अध्यक्ष सिंटू मुखर्जी ने कहा कि बांग्ला भाषा केवल एक संचार माध्यम नहीं बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक विरासत का भी हिस्सा है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि बंगाली भाषी समाज की भावनाओं और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक और सकारात्मक पहल की जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बांग्ला भाषा को समान अधिकार और सम्मान दिलाने की मांग दोहराई तथा सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।
झारखंड में बांग्ला भाषा को सम्मान दिलाने की मुहिम तेज, बागमारा में युवा मोर्चा ने उठाई आवाज
