नाबालिग के अपहरण व यौन अपराध में दोषी को 20 साल का कठोर कारावास, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 28 सितंबर जामताड़ा। नाबालिग लड़की के अपहरण और यौन शोषण से जुड़े मामले में जामताड़ा की अदालत ने सोमवार को आरोपित मंथन मुर्मू को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत में मामले की अंतिम सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया।अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 एवं 5(1) के तहत दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त चार माह का कारावास भुगतना होगा।इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 3 के तहत अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। निर्धारित अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है।अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 96 के तहत भी दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने मंथन मुर्मू को दोषी माना। फैसले के बाद अदालत परिसर में मामले को लेकर चर्चा रही। न्यायालय के आदेश के अनुसार दोषी को निर्धारित सजा भुगतनी होगी और अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भी लागू होगा।नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में पॉक्सो कानून के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। इस मामले में अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को नाबालिग पीड़िता से जुड़े अपराधों में न्यायिक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *