न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 28 सितंबर सालानपुर। बाराबनी इलाके में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की खुली खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि खदान का किनारा अब उनके गांव से महज करीब 150 से 200 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। ऐसे में खदान क्षेत्र में होने वाले उत्खनन और संभावित ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों को किसी बड़े हादसे की आशंका सता रही है।ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले इस मुद्दे को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विधायक के पिता अमल राय की मौजूदगी में कथित तौर पर यह सहमति बनी थी कि एक महीने के भीतर पुनर्वास से संबंधित कागजी प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। ग्रामीणों ने इसी भरोसे पर खदान के निचले हिस्से में काम करने की अनुमति दी थी।हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि तय सहमति के विपरीत ईसीएल प्रबंधन ने शनिवार रात करीब आठ बजे गांव की दिशा में ऊपर की ओर खनन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक खनन स्थल के समीप ही पीडब्ल्यूडी की सड़क और स्कूल जाने वाला रास्ता मौजूद है। उनका कहना है कि यदि इस क्षेत्र में ब्लास्टिंग की जाती है तो पत्थरों के छिटककर गांव या स्कूल आने-जाने वाले बच्चों तक पहुंचने का खतरा बना रहेगा।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों और पूर्व में हुई बातचीत को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रबंधन का मुख्य ध्यान कोयला उत्पादन बढ़ाने पर है, जबकि ग्रामीणों की सुरक्षा और पुनर्वास जैसे मुद्दे पीछे छूट गए हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव की ओर हो रहे खनन कार्य को तत्काल रोका जाए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो गंभीर दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
खदान के मुहाने पर बसा गांव, 200 मीटर दूर मौत का खतरा! ईसीएल पर ग्रामीणों ने लगाया मनमाने खनन का आरोप

