न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 20 मई 2026 जामताड़ा। ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट और दवा वितरण व्यवस्था में निगरानी की मांग को लेकर बुधवार को जामताड़ा जिले में दवा व्यवसायियों का एक दिवसीय बंद पूरी तरह प्रभावी रहा। ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान तथा झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट संगठन के निर्देश पर जामताड़ा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में जिले के दवा विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध दर्ज कराया।इस दौरान जामताड़ा और मिहिजाम शहर की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। हालांकि आपातकालीन जरूरतों को देखते हुए जामताड़ा के कायस्थपाड़ा मोड़ स्थित जूली मेडिकल तथा मिहिजाम में मेडिक्योर को सीमित सेवा के लिए खुला रखा गया।मिहिजाम में विरोध प्रदर्शन के दौरान जामताड़ा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उमेश झा ने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन दवा कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इस व्यवस्था पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्राप्त मेडिकल दुकानों में दवा बिक्री स्वास्थ्य विभाग के नियमों के तहत होती है और फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य रहती है, जबकि ऑनलाइन बिक्री में जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।दवा व्यवसायी अनिल जैन ने बताया कि कई बार उपभोक्ता ऑनलाइन खरीदी गई दवाओं के साथ दुकानों पर पहुंचते हैं, जहां पर्ची में लिखी दवा और प्राप्त दवा में अंतर देखने को मिलता है। इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।व्यवसायियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों का विषय नहीं, बल्कि दवा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण, अत्यधिक छूट पर रोक और नकली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।विरोध कार्यक्रम में राजीव कुमार, मुनेश्वर साव, सुमित जैन, पप्पू कुमार दास, मुकेश यादव, गोपाल डालमिया, अजय अलसेरिया, प्रवीण डोकानिया, रोहित लोहारुका, सुनील सिंह, कृष्णा सेन, गौर मंडल, राकेश सेन, अरुण बर्नवाल एवं सुनील पोद्दार सहित बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी शामिल रहे।
ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जामताड़ा में दवा कारोबारियों की एकजुटता, बंद रहीं मेडिकल दुकानें; मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता का उठाया मुद्दा
