न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 6 अगस्त पलामू/हुसैनाबाद। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का बुधवार को उसके पैतृक गांव पथरा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि अंतिम विदाई के बीच सबसे अधिक चर्चा उसके परिजनों द्वारा लगाए गए उन आरोपों की रही, जिनमें उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सुजीत के पेट पर ही चार स्थानों पर गोली लगने के निशान थे, जबकि पोस्टमार्टम में केवल दो गोलियां लगने की पुष्टि की गई है। परिजनों ने इस अंतर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।मंगलवार को जैसे ही सुजीत का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र होने लगे। बुधवार सुबह धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। भीड़ को देखते हुए पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।इस दौरान सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा भी अदालत से मिली एक दिन की पेरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंची। चाईबासा जेल में बंद रिया को पलामू सिविल कोर्ट से सीमित अवधि की अनुमति मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच गांव लाया गया। पति का शव देखते ही वह भावुक होकर बेहोश हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला, जिसके बाद वह अपने 12 वर्षीय बेटे अक्षत सिन्हा को गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगी। न्यायालय के आदेश के अनुसार पेरोल की अवधि समाप्त होने के बाद उसे पुनः जेल भेजा जाएगा।गौरतलब है कि सुजीत सिन्हा की रविवार रात साहिबगंज से धनबाद जेल ले जाने के दौरान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी। सोमवार को जामताड़ा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया था। करीब दस वर्षों से वह विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद था।वहीं, उसकी पत्नी रिया सिन्हा भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक हिरासत में है। पुलिस का आरोप है कि सुजीत के जेल में रहने के दौरान उसने गिरोह के संचालन की जिम्मेदारी संभाली। उस पर रंगदारी वसूली, नए सदस्यों की भर्ती और गैंग की गतिविधियों के समन्वय जैसे आरोप हैं। रांची, पलामू समेत कई जिलों में उसके खिलाफ लगभग एक दर्जन मामले दर्ज बताए जाते हैं।फिलहाल अंतिम संस्कार के बाद परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए गए सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
“पेट में चार गोलियों के निशान, पोस्टमार्टम में सिर्फ दो की पुष्टि”—सुजीत सिन्हा के परिजनों ने उठाए सवाल, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
