न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 4 नवंबर जामताड़ा। जिले में बालू की किल्लत दूर करने और चोरी-छिपे हो रहे बालू कारोबार पर रोक लगाने के लिए खनन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के अलग-अलग प्रखंडों में चिह्नित 20 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब इन घाटों को धरातल पर चालू करने की कवायद चल रही है। सीमांकन का कार्य अंतिम चरण में है। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलते ही अगले 10 से 15 दिनों के भीतर बालू उठाव शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर ने बताया कि सभी 20 घाटों की नीलामी 25 सितंबर 2025 को ही संपन्न करा ली गई थी। फिलहाल संबंधित अंचलों के माध्यम से घाटों की वास्तविक सीमा निर्धारित की जा रही है। पर्यावरण संबंधी आवश्यक अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार खनन और बालू परिवहन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।नीलामी में करमाटांड़ के नवाकोला, फतेहपुर के हाथधरा-1 और 2 तथा जामताड़ा प्रखंड के बोधबांध-1 और 2, सतसाल-1 और 2, गोपालपुर-1 और 2, अमलाचातर एवं आसनचूआ घाट शामिल हैं। इसके अलावा नाला प्रखंड के डिमजूरी, निंबेड़ा, मरालो, देवलकुंडा, बंखेत, पाथरघाटा, कास्ता और चिचुरबिल तथा कुंडहित के छोटा गोविंदपुर घाट की भी नीलामी की जा चुकी है।घाटों का नियमित संचालन शुरू होने से निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता आसान होने की उम्मीद है। साथ ही अवैध खनन, चोरी-छिपे परिवहन और बिचौलियों के मनमाने कारोबार पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। निर्धारित नियमों के तहत बालू उठाव होने से सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा।फिलहाल विभाग की नजर सीमांकन और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया पर है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही घाटों को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे जिले में वैध बालू आपूर्ति व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है।
नीलामी की प्रक्रिया पूरी, सीमांकन अंतिम दौर में; पर्यावरणीय मंजूरी मिलते ही 10 से 15 दिनों में बालू उठाव शुरू होने की संभावना
