न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 26 जुलाई चित्तरंजन। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शनिवार रात चित्तरंजन में वामपंथी छात्र, युवा, किसान, खेत मजदूर, श्रमिक और महिला संगठनों ने संयुक्त रूप से “रात जागो” विरोध सभा आयोजित की। यह कार्यक्रम देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों और दिल्ली में पिछले कई दिनों से जारी छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया।सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय किए बिना युवाओं का विश्वास बहाल नहीं किया जा सकता।कार्यक्रम की शुरुआत सीटू के नेता राजीव गुप्ता के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार और जवाबदेही स्थापित करने का अभियान है। सीटू के आर. एस. चौहान ने कहा कि जब लोकतांत्रिक संस्थाएं अपेक्षित दिशा में कार्य नहीं करतीं, तब जनता की आवाज सड़क पर बुलंद होती है और वही बदलाव का मार्ग प्रशस्त करती है।डीवाईएफआई के सालानपुर क्षेत्रीय समिति के सचिव सौरभ मुखर्जी ने कहा कि संगठित और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के बल पर युवा अपनी मांगों को मजबूती से सामने रख सकते हैं। वहीं पूर्व युवा नेता अभिर घोष ने स्पष्ट किया कि शिक्षा नीति में आवश्यक बदलाव होने तक आंदोलन जारी रहेगा।सभा के दौरान कलाकार नवनीता चक्रवर्ती मुखर्जी, मैनाक सेनगुप्ता, रंजना नाग और बिप्लब नाग ने गीत, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।आयोजकों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में उनका लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की।
रातभर गूंजा शिक्षा सुधार का स्वर: चित्तरंजन में वामपंथी संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन, जवाबदेह व्यवस्था की उठी मांग
