न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 11 जुलाई 2026 चित्तरंजन। चित्तरंजन में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच उत्पन्न विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। मामले को लेकर चित्तरंजन थाने में लिखित शिकायत दी गई है, जिसके बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।इस विवाद के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मामले में अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। चित्तरंजन निवासी निरंजन तिवारी का कहना है कि विवाद की जड़ एक टेंडर से जुड़ा मामला है। उनका दावा है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।दूसरी ओर, कुछ लोगों ने निरंजन तिवारी पर कथित रूप से मासिक राशि (मंथली) मांगने का आरोप लगाया है। एक ठेकेदार के अधीन कार्यरत मजदूर ने भी आरोप लगाया कि उनसे नियमित रूप से पैसे की मांग की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस इन्हीं दावों की सत्यता की जांच कर रही है।इधर, भाजपा मंडल-5 के कन्वेनर अभिषेक सिंह ने पूरे विवाद से खुद को अलग बताते हुए कहा कि उनका निरंजन तिवारी से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार और तथ्यों से परे हैं।पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस निष्पक्ष जांच के जरिए वास्तविक तथ्यों का पता लगाने में जुटी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और विवाद की वास्तविक वजह क्या है। तब तक किसी भी पक्ष के दावों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
चित्तरंजन में भाजपा नेताओं के बीच विवाद थाने तक पहुंचा, आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस ने शुरू की जांच
