न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 1 अक्टूबर जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा नेता एवं बीएलए-1 हरिमोहन मिश्रा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और बूथवार जांच की मांग की है। गुरुवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एसआईआर के दौरान सामने आई विभिन्न शिकायतों और कथित अनियमितताओं को मीडिया के सामने रखा। हालांकि उनके द्वारा लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।मिश्रा ने दावा किया कि जिले में एसआईआर के दौरान करीब 14 हजार आदिवासी और 42 हजार हिंदू मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इन आंकड़ों को लेकर प्रशासन से स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उनका आरोप है कि प्रक्रिया में राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने पांच अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची का हवाला देते हुए एक पते पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का मामला उठाया। उन्होंने संबंधित पते का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही, लोधरिया में बीएलओ पर पैसे लेकर नाम जोड़ने के आरोप की शिकायत का भी जिक्र किया।मिश्रा ने कहा कि उन्होंने इस मामले की जानकारी नारायणपुर के अंचल अधिकारी को दी थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उनके साथ अमर्यादित व्यवहार भी किया गया।भाजपा नेता ने देवलवाड़ी बॉर्डर पर पुलिस द्वारा उनकी गाड़ी की जांच किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच राजनीतिक निर्देश पर कराई गई। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।उन्होंने नारायणपुर में करीब 40 हजार आवेदन लंबित होने के कथित दावे पर प्रशासन से वास्तविक आंकड़ा जारी करने की मांग की। साथ ही मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा पर मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के आरोपों पर प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष निर्मल सोरेन, गोरायनाला मंडल अध्यक्ष गिरधारी मंडल, मेझिया मंडल अध्यक्ष सुब्रजीत मंडल, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष उत्तम हेमब्रम और गोरायनाला मंडल महामंत्री विश्वजीत भंडारी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एसआईआर पर भाजपा नेता के गंभीर सवाल, बूथवार जांच और शिकायतों के निपटारे की मांग

