न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 29 अगस्त देवघर/जामताड़ा। श्रावणी मेला 2026 पूर्व रेलवे के लिए भीड़ प्रबंधन और यात्री सुरक्षा की बड़ी परीक्षा रहा, जिसमें रेलवे ने करीब 75 लाख श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संभालकर नया कीर्तिमान कायम किया। 29 जुलाई से 28 अगस्त तक चले मेले के दौरान देवघर, जसीडीह, बैद्यनाथधाम, सुल्तानगंज और तारकेश्वर समेत प्रमुख तीर्थस्थलों पर व्यापक इंतजाम किए गए। राहत की बात रही कि मेला अवधि में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के मार्गदर्शन में आरपीएफ ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 500 से अधिक जवानों की तैनाती की। ड्रोन और डॉग स्क्वॉड के जरिए भीड़ की निगरानी की गयी। आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने विभिन्न मेला स्थलों और स्टेशनों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 3 से 5 मीटर चौड़े बैरिकेडेड कॉरिडोर बनाए गए। इससे विपरीत दिशा में चलने वाले यात्रियों की संख्या में 90 से 100 प्रतिशत तक कमी आयी। प्रति घंटे लगभग 24,900 श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से संचालित किया गया। फुट ओवरब्रिज पर एकतरफा आवागमन और अस्थायी होल्डिंग एरिया की व्यवस्था भी प्रभावी रही।यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 151 स्पेशल ट्रेनें चलायी गयीं। इनमें हावड़ा मंडल की 101, आसनसोल मंडल की 38 और मालदा मंडल की 12 ट्रेनें शामिल थीं। आसनसोल मंडल में टिकट बिक्री 1.35 लाख तक पहुंची और एक व्यस्त सोमवार को टिकट आय 26.66 लाख रुपये दर्ज की गयी।जसीडीह में आरपीएफ की सतर्कता से रेल पटरी में गंभीर फ्रैक्चर का समय रहते पता चला और करीब एक घंटे में मरम्मत कर परिचालन सुरक्षित किया गया।ऑपरेशन अमानत के तहत 31 मामलों में 2.62 लाख रुपये का खोया सामान लौटाया गया। नन्हे फरिश्ते अभियान में 10 बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया गया, जबकि ऑपरेशन सेवा के तहत छह जरूरतमंद श्रद्धालुओं को चिकित्सा व एंबुलेंस सहायता दी गयी। ऑपरेशन सतर्क में अवैध शराब भी जब्त की गयी।पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने मेले की सफलता को रेलवे, प्रशासन, पुलिस, आरपीएफ और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग का परिणाम बताया।
75 लाख कांवरियों की भीड़, फिर भी व्यवस्था रही चाक-चौबंद; श्रावणी मेले में पूर्व रेलवे ने बनाया नया रिकॉर्ड

