न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 28 जून 2026 जामताड़ा। प्रखंड के नाराडीह गांव में मुहर्रम के अवसर पर शनिवार देर रात आयोजित पारंपरिक अखाड़ा खेल ने लोगों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। देर रात तक चले इस आयोजन में विभिन्न गांवों से पहुंचे अखाड़ा दलों ने लाठी, तलवार और पारंपरिक युद्धकला के रोमांचक प्रदर्शन से उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और खेल प्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सगीर खान, युवा नेता अकबर अंसारी तथा पंचायत के मुखिया निर्मल सोरेन ने पारंपरिक अंदाज में लाठी चलाकर किया। उद्घाटन के दौरान अतिथियों ने कहा कि मुहर्रम का अखाड़ा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और भाईचारे का संदेश देने वाली सांस्कृतिक धरोहर भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी ऐतिहासिक परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।अखाड़ा प्रतियोगिता में मोहम्मद नगर जियाजोरी, श्यामपुर, बागजोरी, पाकड़ीह, कैलाही सहित आसपास के कई गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक दल ने निर्धारित क्रम में मैदान में उतरकर लाठी संचालन, तलवारबाजी की पारंपरिक शैली, दांव-पेंच और आत्मरक्षा से जुड़े कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की फुर्ती, संतुलन और तालमेल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।आयोजन को देखने के लिए नाराडीह ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। आयोजन समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सक्रिय योगदान दिया।समापन अवसर पर मुख्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागी अखाड़ा दलों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक अखाड़ा खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षित रखने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। सौहार्द, भाईचारे और उत्साह के माहौल में संपन्न यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए यादगार बन गया।
नाराडीह में मुहर्रम की परंपरा का शानदार नजारा, अखाड़ा प्रतियोगिता में लाठी-तलवार के हैरतअंगेज करतबों ने बांधा समां
