‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को मिला नया आयाम: सीएलडब्ल्यू ओबीसी एसोसिएशन ने किया सामूहिक पौधारोपण

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 5 जुलाई 2026 चित्तरंजन। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (सीएलडब्ल्यू) ओबीसी एसोसिएशन की ओर से रविवार को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसोसिएशन परिसर में आयोजित इस अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों, महिलाओं, बच्चों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य अभियंता अजय कुमार ने पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार चक्रवर्ती (एसीएमएस/ए), डॉ. तुलू चक्रवर्ती (एसीएमएस/एफडब्ल्यू), महाप्रबंधक के उप सचिव रोहित केरकेट्टा, विष्णु प्रसाद नायक (एसपीओ/प्रशासन), मुकेश प्रसाद (एपीओ/डब्ल्यू) तथा सुधीर कुमार राय (एडब्ल्यूओ) विशेष रूप से उपस्थित रहे।अभियान में लगभग 30 योग साधिका महिलाओं, एथलेटिक्स से जुड़े बच्चों, सीएलडब्ल्यू ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह संदेश भी दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश प्रसाद और सचिव गुलाब यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी बन गई है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखरेख करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।मुख्य अतिथि अजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से पौधारोपण को जन आंदोलन का रूप देने और लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने हरित भारत के निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का सामूहिक संकल्प लिया। सीएलडब्ल्यू ओबीसी एसोसिएशन ने भी भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को लगातार आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। आयोजन के दौरान पूरे परिसर में प्रकृति संरक्षण के प्रति उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।

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