न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 30 अक्टूबर जामताड़ा। सदर अस्पताल की एक्स-रे मशीन को सरकारी एंबुलेंस से बाहर ले जाने का मामला अब जिला प्रशासन की जांच के दायरे में है। न्यूज 61 लाइव में खबर प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा को जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जांच समिति को दो दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि मरीजों की जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीन को अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति किसने दी थी। क्या इसके लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी की गई थी या सरकारी संसाधनों के उपयोग में नियमों की अनदेखी हुई। जांच में इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।मशीन ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई एंबुलेंस में जीपीएस सिस्टम होने की जानकारी है। संबंधित अवधि का रिकॉर्ड खंगालने पर वाहन की आवाजाही, तय किए गए रास्ते और ठहराव की जानकारी मिल सकती है। इसके साथ वाहन की लॉगबुक, अनुमति-पत्र और मरम्मत संबंधी दस्तावेजों का मिलान जांच को दिशा दे सकता है।अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन किरण कुमार ने मशीन को मरम्मत के लिए ले जाने की बात कही थी। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मशीन कहां भेजी गई, मरम्मत का कार्यादेश था या नहीं और अस्पताल प्रबंधन की स्वीकृति ली गई थी या नहीं।अस्पताल में संसाधनों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 16 जुलाई को इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच अस्पताल में तोड़फोड़ हुई थी। इसके बाद निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रशिक्षु उपसमाहर्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।जांच समिति में डॉ. नीलेश, डॉ. विशाल और प्रशिक्षु उपसमाहर्ता दिव्यांशु मिश्रा शामिल हैं। अब रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित लोगों की जवाबदेही तय होगी। प्रशासन की कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि सरकारी स्वास्थ्य संसाधनों के इस्तेमाल में नियमों का कितना पालन हुआ।
खबर का असर: सदर अस्पताल की एक्स-रे मशीन पर प्रशासन का शिकंजा, 48 घंटे में खुलेगा राज
