न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 23 अगस्त सालानपुर। सरकारी स्तर पर निर्धारित न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर सालानपुर ब्लॉक के देंदुआ औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 386 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग को लेकर एलक्विंट स्टील प्लांट के मुख्य द्वार पर श्रमिकों का धरना-प्रदर्शन 24 घंटे से अधिक समय से जारी है। आंदोलन के कारण इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें फिलहाल प्रतिदिन महज 323 रुपये मजदूरी दी जा रही है, जो सरकार द्वारा निर्धारित राशि से काफी कम है। श्रमिकों के अनुसार, पिछले तीन महीने से वे उचित मजदूरी और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की गई। इसके बाद श्रमिकों ने कारखाने के गेट के सामने अनशन शुरू कर दिया।प्रदर्शन के दौरान कारखाना प्रबंधन और पुलिस के साथ श्रमिकों की कई बार कहासुनी भी हुई। सूचना मिलने पर सालानपुर ब्लॉक के भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और प्रबंधन के साथ बातचीत की। हालांकि, बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।सालानपुर मंडल-4 के अध्यक्ष चिन्मय तिवारी के अनुसार, प्रबंधन का कहना है कि मजदूरी को लेकर सालानपुर ब्लॉक के विभिन्न कारखाना मालिकों के संगठन के साथ सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए कुछ समय की जरूरत है। श्रमिकों ने समय देने पर सहमति जताई है, लेकिन मांग पूरी होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही है।श्रमिक नेता अमर महतो ने प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर तय मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि अनशन के दौरान किसी श्रमिक की तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।इधर, एलक्विंट के आंदोलन का असर पड़ोसी रामदूत प्लांट में भी दिखाई दिया। समान मांग को लेकर वहां के श्रमिकों ने भी काम बंद कर गेट के समक्ष प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोनों कारखानों में एक साथ आंदोलन से देंदुआ औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक असंतोष गहराता जा रहा है। अब सभी की निगाहें प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।
न्यूनतम मजदूरी की मांग पर भड़का श्रमिक असंतोष, देंदुआ की दो फैक्ट्रियों में 24 घंटे से प्रदर्शन

