न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 31 अगस्त रूपनारायणपुर। बिहार के जमुई से बालू लेकर पश्चिम बंगाल के डानकुनी की ओर जा रहे सैकड़ों ट्रक बंगाल-झारखंड सीमा पर रूपनारायणपुर के पास पिछले कई दिनों से खड़े हैं। वाहनों में ई-चालान मौजूद होने के बावजूद पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने से चालक और खलासी परेशान हैं। बताया जा रहा है कि नए नियम के तहत खनिज परिवहन वाले वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और GPS आधारित निगरानी को अनिवार्य किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है।जानकारी के अनुसार, कई ट्रक 29 अगस्त से सीमा क्षेत्र में रुके हुए हैं। चालकों का कहना है कि उनके पास वैध ई-चालान था, लेकिन लंबे समय तक वाहन खड़े रहने के कारण उसकी वैधता समाप्त हो गई। ऐसे में बिना नए दस्तावेज के आगे बढ़ना जोखिम भरा है। चालकों को जुर्माने और कार्रवाई की चिंता सता रही है।लगातार कई दिनों से सड़क किनारे रहने के कारण चालकों और खलासियों को खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण उमस के बीच वाहन चालकों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।बताया जा रहा है कि फर्जी ई-चालान के मामलों पर रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था सख्त की गई है। जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बिहार के नाम पर जारी चालान में संबंधित व्यक्ति का पता पश्चिम बंगाल के किसी दूरस्थ इलाके का पाया गया। इसके बाद बालू, कोयला समेत खनिजों की ढुलाई में वाहन की लाइव लोकेशन और जियो-टैगिंग पर जोर दिया गया है।नए तकनीकी प्रावधान की जानकारी कई ट्रांसपोर्टरों को समय पर नहीं होने के कारण सीमा पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। झारखंड की ओर ट्रकों की लंबी कतार लगने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
GPS की अनिवार्यता बनी बालू ट्रकों के लिए मुसीबत, बंगाल सीमा पर कई दिनों से खड़े सैकड़ों वाहन

