न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 1 सितंबर मैथन। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के मैथन परियोजना क्षेत्र में पुराने आवासीय क्वार्टरों के ध्वस्तीकरण और पेड़ों की कटाई को लेकर पारदर्शिता का सवाल उठने लगा है। लेफ्ट बैंक कॉलोनी (कल्याणेश्वरी) समेत आसपास के इलाकों में हो रही कार्रवाई के साथ वर्ष 2024 से 2026 के बीच जारी टेंडरों और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद में खर्च राशि की जानकारी भी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई है।नेशनल ह्यूमन राइट एंड वूमेन चाइल्ड डेवलपमेंट कमीशन के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने डीवीसी मैथन के मुख्य जन सूचना अधिकारी को आरटीआई आवेदन भेजकर विभिन्न बिंदुओं पर दस्तावेज और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।आरटीआई में पूछा गया है कि लेफ्ट बैंक कॉलोनी के पुराने क्वार्टरों को ध्वस्त करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। क्या इन भवनों को नियमानुसार अनुपयोगी अथवा परित्यक्त घोषित किया गया है या किसी प्रस्तावित परियोजना के तहत इन्हें हटाया जा रहा है। ध्वस्तीकरण के दौरान फलदार एवं छायादार पेड़ों की कटाई को लेकर भी अनुमति और पर्यावरणीय प्रावधानों की जानकारी मांगी गई है।आवेदन में यह भी जानना चाहा गया है कि पेड़ों की कटाई के लिए संबंधित वन विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति या NOC ली गई है अथवा नहीं। साथ ही ध्वस्तीकरण का काम डीवीसी के स्तर पर कराया जा रहा है या किसी निजी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जारी टेंडरों की सूची, चयनित ठेकेदारों को दिए गए वर्क ऑर्डर, स्वीकृत दर और अनुबंध की शर्तों का विवरण मांगा गया है। CSR के तहत प्राप्त बजट, योजनावार स्वीकृति और खर्च का पूरा ब्योरा भी आवेदन में शामिल है।आरटीआई आवेदक ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति, पर्यावरण और CSR राशि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। तय अवधि में जानकारी मिलने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्वार्टर टूटे तो पेड़ भी कटे, अब RTI से मांगा हिसाब: मैथन में DVC की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

