न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 12 सितंबर रामपुर। विवादों में घिरे रामपुर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) कार्यालय का शनिवार को राज्य परिवहन विभाग के प्रधान सचिव रवींद्र सिंह ने निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के किनारे स्थित कार्यालय में पहुंचकर उन्होंने विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली और अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, प्रधान सचिव ने अपने दौरे को नियमित निरीक्षण बताया।रामपुर एमवीआई चेकपोस्ट पिछले कुछ समय से कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। आरोप था कि मालवाहक ट्रकों को रोककर चालकों से अवैध वसूली की मांग की जा रही थी। एक मामले में ऐसे कर के नाम पर 22 हजार रुपये मांगने का आरोप सामने आया, जो वर्तमान में लागू ही नहीं है। मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित किया गया था। बाद में दोनों की गिरफ्तारी हुई। जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर दो बिचौलियों को भी पकड़ा।घटना के बाद परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने भी रामपुर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने अधिकारियों को नियमों के अनुरूप काम करने और पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया था।इधर, विवाद के बाद चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच और कार्रवाई में कमी आने की बात सामने आई है। इसका असर सरकारी राजस्व संग्रह पर भी पड़ने की चर्चा है। शनिवार की बैठक में इसी पहलू पर भी मंथन हुआ। प्रधान सचिव ने माना कि चेकिंग कम होने से राजस्व में कमी आई है और इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली गई।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधान सचिव के निरीक्षण के बाद रामपुर चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली में क्या बदलाव आता है और क्या जांच व्यवस्था के साथ सरकारी राजस्व संग्रह में भी फिर तेजी देखने को मिलती है।
विवादों के बाद फिर सुर्खियों में रामपुर एमवीआई, प्रधान सचिव ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

