न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 18 सितंबर आसनसोल। युवाओं को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालकर साहसिक गतिविधियों और प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से आसनसोल के गोपालपुर स्थित रूपतापस एडवेंचर क्लब ने हिमाचल प्रदेश में पर्वतारोहण अभियान चलाया। 16 सदस्यीय दल ने 5,050 मीटर ऊंची माउंट जगतसुख की चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर तिरंगा और क्लब का झंडा फहराया। हालांकि, 6,001 मीटर ऊंचे माउंट देवटिब्बा को फतह करने का प्रयास सुरक्षा कारणों से बीच में रोकना पड़ा।क्लब की टीम 29 अगस्त को आसनसोल से हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुई थी। दल का नेतृत्व कौशिक चट्टराज ने किया। उनके साथ अर्पिता बनर्जी, सुजय मंडल, सौम्यदीप रुद्र, तुहिना सिंह सरदार, कंचन चट्टराज, श्रुति पाल, संयुक्ता मंडल, पृथिस मंडल, सौविक चक्रवर्ती, पार्थ गड़ाई, रजत महलानबीर, अर्पण सेन, शत्रुघ्न शाह और श्यामसुंदर पाल शामिल रहे।जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर को छिक्का से ट्रेकिंग शुरू हुई। दुर्गम रास्तों और प्रतिकूल मौसम का सामना करते हुए पर्वतारोही 4 सितंबर की सुबह करीब 8 बजे माउंट जगतसुख के शिखर पर पहुंचे। वहां राष्ट्रध्वज एवं क्लब का ध्वज फहराकर अभियान की उपलब्धि दर्ज की गई।इसके बाद दल ने माउंट देवटिब्बा की दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया। इसी दौरान दोआंघन कोल के ऊपर से अचानक बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। घटना में दल के दो सदस्य घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम को सुरक्षित नीचे लाने का निर्णय लिया गया।क्लब प्रबंधन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल पर्वत चोटियों पर विजय प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मनिर्भरता, अनुशासन, साहस और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है। अभियान से लौटने पर क्लब के अध्यक्ष और सदस्यों ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
माउंट जगतसुख पर लहराया तिरंगा, देवटिब्बा अभियान में पत्थर गिरने से दो पर्वतारोही घायल

