न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 7 अक्टूबर रांची। बुधवार का दिन सोरेन परिवार के लिए बेहद भावुक और पीड़ादायक रहा। रूपी सोरेन की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनका हार्ट रेट अनियंत्रित होने पर चिकित्सकों ने तत्काल विशेषज्ञों की टीम को सक्रिय किया। न्यूरो मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उज्ज्वल राय अस्पताल पहुंचे, जबकि कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता भी शाम करीब छह बजे वहां पहुंचे। चिकित्सकों ने स्थिति संभालने के लिए टेंपरेरी पेसमेकर लगाने का निर्णय लिया।मां की गंभीर हालत की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दिन के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। यहां तक कि कैबिनेट की बैठक भी स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे और फिर दिनभर वहीं मौजूद रहे। उस वक्त उनके सामने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारियों से कहीं बड़ा सवाल था कि मां को कैसे बचाया जाए।हेमंत सोरेन लगातार डॉक्टरों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे। पत्नी कल्पना सोरेन भी अस्पताल में मौजूद रहीं। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और हर मेडिकल अपडेट के साथ परिवार की उम्मीदें कभी बढ़तीं तो कभी चिंता गहराती।चिकित्सकों ने रूपी सोरेन को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। शाम ढलने के साथ अस्पताल के बाहर भीड़ बढ़ने लगी। परिवार, करीबी नेता और समर्थक लगातार अस्पताल पहुंचते रहे।फिर रात करीब साढ़े आठ बजे वह खबर आई, जिसका इंतजार कोई नहीं करना चाहता था। रूपी सोरेन ने अंतिम सांस ली। अस्पताल परिसर में शोक और सन्नाटा छा गया।रूपी सोरेन केवल शिबू सोरेन की पत्नी और हेमंत सोरेन की मां नहीं थीं। उन्होंने संघर्ष के कठिन दौर में परिवार को संभाला और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में मजबूती से खड़ी रहीं। उनके जीवन में संघर्ष, साहस और दृढ़ता की कई कहानियां जुड़ी हैं।बुधवार को अस्पताल में मां के लिए बेचैन दिखा मुख्यमंत्री बेटा रात तक गहरे व्यक्तिगत दुख में डूब गया। सोरेन परिवार के लिए यह सिर्फ एक सदस्य का निधन नहीं, बल्कि परिवार की मजबूत आधारशिला के टूटने जैसा है।
मां की सांसों के लिए दिनभर जूझता रहा मुख्यमंत्री बेटा, रात में थम गईं रूपी सोरेन की धड़कनें
