MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में मधुपुर में झामुमो का धरना, झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार की उठी आवाज

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 20 सितंबर मधुपुर। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) केंद्रीय समिति के आह्वान पर मधुपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR)-2026 के विरोध में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर की।धरना के दौरान झामुमो नेताओं ने झारखंड की पहचान को जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जोड़ते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राज्य के अधिकारों पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि खनिज संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।कार्यक्रम में वक्ताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के झारखंड आंदोलन में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अलग राज्य के निर्माण और झारखंडवासियों के अधिकार, सम्मान एवं पहचान के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया गया। वर्तमान चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से अपनी आवाज उठाने की बात कही गई।झामुमो नेताओं ने कहा कि खनिज संसाधनों से संबंधित नीतियों पर व्यापक चर्चा और विचार-विमर्श आवश्यक है। उनका कहना था कि राज्य के हितों तथा आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए विधेयक के प्रावधानों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराना जरूरी है।धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित खनिज संबंधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। झामुमो की ओर से कहा गया कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राज्य के संसाधनों तथा अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। आयोजन के माध्यम से झामुमो ने MMDR-2026 संशोधन विधेयक को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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