JPSC-JSSC परीक्षाओं पर सरकार का बड़ा एक्शन, CGL समेत कई भर्ती परीक्षाएं रद्द; 17 पुरानी परीक्षाओं की CID जांच

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 19 अगस्त रांची। झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कई परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ भर्तियों पर अगले आदेश तक रोक लगाने और पुरानी परीक्षाओं की जांच CID को सौंपने का फैसला किया है। मंगलवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचनाओं के बाद अभ्यर्थियों के बीच हलचल तेज हो गई है।सबसे महत्वपूर्ण निर्णय JSSC CGL-2023 (विज्ञापन संख्या 10/2023) को लेकर लिया गया है। परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद गठित SIT की जांच तथा JPSC से संबंधित CID अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों को आधार बनाते हुए सरकार ने इस परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया है।JPSC की 17 पुरानी परीक्षाएं जांच के घेरे मेंसरकार ने JPSC की कुल 17 पूर्व परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच CID को सौंपने का फैसला किया है। जांच के दायरे में 5वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, सिविल जज भर्ती, मृदा संरक्षण पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, डेंटिस्ट, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2016, सहायक अभियंता और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 सहित कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं।कई मौजूदा भर्तियां भी हुईं रद्दसरकार ने TDPL के माध्यम से संचालित कई JPSC भर्तियों को भी निरस्त कर दिया है। इनमें विश्वविद्यालयों के गैर-शैक्षणिक पद, सहायक निदेशक व सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक लेक्चरर तथा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर की नियुक्तियां शामिल हैं।इसके अलावा सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहायक वन संरक्षक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सहायक लोक अभियोजक, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 समेत कई परीक्षाओं को भी रद्द किया गया है।छह भर्ती परीक्षाओं पर फिलहाल रोककुछ परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के बजाय दूसरी एजेंसी से कराई गई थी। इन एजेंसियों की विश्वसनीयता और Credentials की जांच CID करेगी। जांच पूरी होने तक खाद्य विश्लेषक, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर पद की छह परीक्षाएं स्थगित रहेंगी।परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी कमेटीसरकार ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति को दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। साथ ही JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने तथा परीक्षा संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को लेकर झारखंड हाईकोर्ट से अनुरोध करने का भी फैसला लिया गया है।सरकार के इस कदम से जहां भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की उम्मीद बढ़ी है, वहीं लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों की चिंता भी बढ़ गई है। अब सभी की नजर जांच की रिपोर्ट और आगे होने वाली नई भर्ती प्रक्रिया पर टिकी है।

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