न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 6 अक्टूबर रांची/मिहिजाम। वर्षों से नगर निकायों की राजस्व व्यवस्था को संभाल रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य पर संकट के बीच सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के 36 नगर निकायों से जुड़े करीब दो हजार कर्मियों का बड़ा जुटान हुआ। टैक्स कलेक्टर, टीम लीडर सहित अन्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर रोजगार की सुरक्षा और सेवा में निरंतरता की मांग सरकार के समक्ष रखी। इस महाजुटान में मिहिजाम नगर परिषद के राजस्व आउटसोर्स कर्मियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।कर्मचारियों के अनुसार, वे एक-दो नहीं बल्कि पिछले 10 से 12 वर्षों से नगर निकायों में होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, वाटर चार्ज सहित विभिन्न राजस्व कार्यों को जिम्मेदारी से पूरा करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस दौरान राजस्व वसूली का काम कराने वाली एजेंसियां कई बार बदलीं, लेकिन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं देते रहे। अब व्यवस्था में बदलाव के बाद इन्हीं अनुभवी कर्मियों के सामने रोजगार छिनने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि उन्हें अपने-अपने निकाय के वार्डों, स्थानीय नागरिकों और राजस्व व्यवस्था की व्यावहारिक जानकारी है। ऐसे अनुभवी कर्मियों को हटाने से न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी, बल्कि वर्षों में अर्जित स्थानीय कार्य अनुभव का भी नुकसान होगा।महाजुटान के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की कि उनके अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें सीधे नगर निकायों में समायोजित किया जाए। जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं बनती, तब तक दैनिक अथवा अनुबंध के आधार पर सेवा में बनाए रखने की मांग भी उठाई गई। मुख्यमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर परिवारों की आजीविका सुरक्षित करने की अपील की गई।मिहिजाम नगर परिषद से राजू कुमार दास, अजय रजक, सौरव सूत्रधार, विजय सोनी, विकास रोज और शुभम कुमार राम महाजुटान में शामिल हुए। कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से राजस्व कार्य करने वालों को अचानक बाहर करना उनके साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार से शीघ्र ठोस निर्णय लेने की मांग की।
मिहिजाम के राजस्व आउटसोर्स कर्मियों की आवाज पहुंची रांची तक, रोजगार बचाने मोरहाबादी में उठाई जोरदार मांग
