न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 16 अगस्त जामताड़ा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अपात्र लाभुकों की पहचान को लेकर चल रही जांच ने जिले की राशन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के KPI (V2) आंकड़ों के मुताबिक जिले में 24,119 लाभुकों से जुड़े मामलों को जांच के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें 2,873 मामलों में नाम हटाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 21,235 मामले अभी लंबित हैं। विभागीय रिपोर्ट में कुल 2,884 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई है और प्रगति 11.96 प्रतिशत बताई गई है।10 हजार से अधिक लाभुकों ने लंबे समय से नहीं उठाया राशनजांच में सबसे बड़ी संख्या ‘साइलेंट लाभुकों’ की सामने आई है। ऐसे 10,283 लाभुक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने लंबे समय से राशन का उठाव नहीं किया। इनमें 9,821 मामले अभी लंबित हैं, जबकि 459 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है।इसके अलावा 8,486 डुप्लीकेट लाभुक, 1,910 इनकम ग्रुप, 350 वाहन स्वामित्व, 324 सौ वर्ष से अधिक आयु वाले आरसी सदस्य और 2,292 ऐसे एकल सदस्य पाए गए हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है। सकल कारोबार, निदेशक, PFMS, पोस्टल और आधार स्टेटस से जुड़े मामले भी सत्यापन के दायरे में हैं।भौतिक सत्यापन के बाद होगी कार्रवाईजिला आपूर्ति पदाधिकारी कयूम अंसारी के अनुसार छह माह से एक वर्ष तक राशन नहीं लेने वाले लाभुकों के साथ आयकरदाता, चारपहिया वाहन मालिक और अन्य अपात्र श्रेणी के लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में अपात्र पाए जाने पर संबंधित नाम राशन कार्ड से हटाया जाएगा।लंबित मामलों ने बढ़ाई चिंता24 हजार से अधिक मामलों में 21 हजार से ज्यादा लंबित होना जांच की गति पर सवाल खड़ा करता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जांच में 11 लाभुक पात्र भी पाए गए हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती लंबित मामलों का तेजी से निष्पक्ष सत्यापन करना है, ताकि सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
राशन कार्डों की जांच में बड़ा खुलासा: जामताड़ा में 24 हजार से अधिक लाभुक जांच के घेरे में

